
उसे तू छू ले बस अब ज़िस्म देता ये हिदायत है
ये सोचा कैसे मेरा रूह करता ये शिकायत है
मेरे ख़त को जलाकर कहती है अच्छा लिखा तुम ने,
ख़ुदा तू ही बता दे ज़ुल्म है या फिर इनायत है
— 100rav
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