tu jab jab hasrat se dekha karti hai | तू जब जब हसरत से देखा करती है

  - Aditya

तू जब जब हसरत से देखा करती है
जाने क्या बिन बोले पूछा करती है

कैसे हर कोई तेरा हो जाता है
क्या तू कोई जादू टोना करती है

तेरी बातों के ही मिसरे लिखता हूँ
मतलब तू ग़ज़लों से खेला करती है

तेरे घुँघराले काले बालों को तो
क़ुदरत भी हसरत से देखा करती है

बाद मोहब्बत के तेरी ख़ुश्बू से ही
मेरे दिल की बगिया महका करती है

इक सेहर करना दूजा बातें करना
और तू इन आँखों से क्या क्या करती है

ये इश्क़ नहीं है तो फिर ये बात है क्या
जो मुझको भी तेरे जैसा करती है

  - Aditya

Dil Shayari

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