अभी अभी की बात है
अभी अभी तो मुहब्बत खिली ही थी मुझ
में
अभी अभी मेरे दिल को करार आया था
अभी अभी तो समझ पाए इश्क़ मेरा तुम
अभी अभी तो तुम्हें मुझ पे प्यार आया था
अभी अभी तो बहुत दूर जाना था हम को
अभी सफ़र की शुरुआत होने वाली थी
वो देर रात की बातें शुरू हुईं थी अभी
अभी तो दिल में छिपी बात होने वाली थी
अभी तो राज कई बांटने को थे बाकी
अभी तो ख़्वाब कई बांटने को थे बाकी
अभी तो रात में रोने की रस्म थी बाकी
अभी तो नींद को खोने की रस्म थी बाकी
वो रूठने का मनाने का सिलसिला होता
हमारे चैन का बस तू ही मरहला होता
हमारे कमरे में तस्वीर बस तेरी होती
मुझे दु'आओं के एवज़ में तू मिली होती
मगर ये ठीक किया तुम ने छोड़ कर मुझ को
हमारे हाल पे तन्हा सा छोड़ कर मुझ को
मैं शा'इरी के सिवा और क्या तुम्हें देता
हमारी जेब में ग़ज़लों के बा'द कुछ भी नहीं
बस इक क़लम के सिवा मेरे हात कुछ भी नहीं
तू ये न सोचना हम तुझ को बद-दुआ देंगे
अगर तू ख़त्म भी कर दे तो बस दुआ देंगे















