इस लिए भी तुझे दिन रात खफ़ा करते हैं

दर्द होता है तभी लोग दवा करते हैं

कोई रोए तो उसे चैन से रोने देना
अश्क आँखों से न निकलें तो चुभा करते हैं

क़हर समझें कि इसे रब की इनायत समझें
हम जो रोएँ तो कई लोग हँसा करते हैं

उम्र भर साथ निभाने की क़सम मत देना
कच्ची 'उम्रों से ही हम लोग नशा करते हैं

पहले कुछ कर के ज़माने को दिखा देंगे हम
फिर बताएँगे ज़माने को कि क्या करते हैं

या ख़ुदा उन की दु'आओं को ज़रा जल्द सुनो
लोग जो भी मेरे मरने की दुआ करते हैं

— Aditya Singh aadi

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