bina tere mila mujhko bhala kis baat ka jeevan | बिना तेरे मिला मुझको भला किस बात का जीवन

  - Ajay Choubey

बिना तेरे मिला मुझको भला किस बात का जीवन
बिना तेरे जिया मैंने कहाँ दिन रात का जीवन

मिली मुझको हवा तो सर उठाकर लहलहाता था
कहाँ मुझको पता था धूल है हर पात का जीवन

किसी ने दुख दिया मुझको तड़प सहती रहीं आँखें
मुझे फिर याद आया वो भरी बरसात का जीवन

नगर में जब मरा तेरे दिखा कंधा नहीं कोई
नगर की बेबसी से था भला देहात का जीवन

वतन की बात हो जब भी कटा के शीश आना तुम
नहीं मतलब मिला जो गर कभी ख़ैरात का जीवन

बड़ा मजबूर जीवन था 'अजय' का हाल मत पूछो
जिया करता रहा जैसे किसी बद-ज़ात का जीवन

  - Ajay Choubey

Sad Shayari

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