जा चुकी है, या जा रही है अभी
बात दोनों में एक सी है अभी
वो मुझे छोड़ के तो जाएगी
मेरे दुख में कोई कमी है अभी
मेरे हालात मुझ सेे मत पूछो
मेरी धड़कन बढ़ी हुई है अभी
याँ मुझे कल का भी भरोसा नहीं
आप कहते हैं ज़िन्दगी है अभी
लोग कहते हैं याद हूँ मैं उसे
जो घड़ी दी थी, चूमती है अभी
रात होने दे फिर मैं रोऊँगा
मेरे कमरे में रौशनी है अभी
मैं तो ख़ामोश हो गया कब का
उसकी तस्वीर बोलती है अभी
एक के जाने पे अजय रो मत
तेरी क़िस्मत में दूसरी है अभी
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Ajay Choubey
our suggestion based on Ajay Choubey
As you were reading Udasi Shayari Shayari