ja chuki hai ya ja rahi hai abhii | जा चुकी है, या जा रही है अभी

  - Ajay Choubey

जा चुकी है, या जा रही है अभी
बात दोनों में एक सी है अभी

वो मुझे छोड़ के तो जाएगी
मेरे दुख में कोई कमी है अभी

मेरे हालात मुझ सेे मत पूछो
मेरी धड़कन बढ़ी हुई है अभी

याँ मुझे कल का भी भरोसा नहीं
आप कहते हैं ज़िन्दगी है अभी

लोग कहते हैं याद हूँ मैं उसे
जो घड़ी दी थी, चूमती है अभी

रात होने दे फिर मैं रोऊँगा
मेरे कमरे में रौशनी है अभी

मैं तो ख़ामोश हो गया कब का
उसकी तस्वीर बोलती है अभी

एक के जाने पे अजय रो मत
तेरी क़िस्मत में दूसरी है अभी

  - Ajay Choubey

Qismat Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ajay Choubey

As you were reading Shayari by Ajay Choubey

Similar Writers

our suggestion based on Ajay Choubey

Similar Moods

As you were reading Qismat Shayari Shayari