"नाराज़गी"
न हो नाराज़ हमनशीं हम से
ये मेरे दिन ये रात भी तुम से
ये सितारे ये चाँदनी तुम से
खुशबुऐं और ये रौशनी तुम से
फूल ये, फूल की कली तुम से
मेरे इस दिल की हर ख़ुशी तुम से
ये मेरी पूरी ज़िंदगी तुम से
और मुझे इश्क़ बस तुम्हीं तुम से
अब मेरे दिल को यूँ न तड़पाओ
जानेमन अब तो मान भी जाओ
— Akash Rajpoot















