मेरी हालत देखो कैसा हो गया मैं
देख कर उस हुस्न को तो खो गया मैं
ख़्वाब उस का अब मुकम्मल हो ही जाए
इस लिए तो नींद गहरी सो गया मैं
मैं किसी तो काम से भेजा गया था
उस के साए ज़ुल्फ़ में पर खो गया मैं
महज़ ये कुछ दिन ही गुज़रे उस के हमराह
लौट भी आ यार बस अब रो गया मैं
सिर्फ़ उस के वास्ते छोड़ा है ये घर
वो मुझे अपना ले उस का हो गया मैं
— Amaan Ali















