मैं इक ख़याल की दुनिया का शाहज़ादा हूँमेरे ख़याल की क्यारी का फूल थी तुम भीमैं एक बार मोहब्बत में फिर शिकस्ता रहासो बेबसी में ये कहता हूँ भूल थी तुम भी— Armaan khan