lagega vaqt thoda aur lekin kaam jaarii hai | लगेगा वक़्त थोड़ा और लेकिन काम जारी है

  - Arohi Tripathi

लगेगा वक़्त थोड़ा और लेकिन काम जारी है
नहीं बीमार हूँ मोमिन मुझे तेरी ख़ुमारी है

हमारी नींद भी ग़ाएब हमारी ख़्वाब भी ग़ाएब
नहीं चलने के क़ाबिल हूँ नज़र का पैर भारी है

सड़क के इक किनारे से मुझे आवाज़ देता है
तुम्हारा 'इश्क़ है ऐसा कि मुझ पे ख़ूब तारी है

कहा ले जा रहे हो तुम हमारा घर नहीं है ये
इसी में ज़िंदगी हमने बहुत अरसा गुज़ारी है

तुम्हारे प्यार का तोहफ़ा हमें अब याद आता है
सहारा है वही मेरा उसी में याद सारी है

  - Arohi Tripathi

Musafir Shayari

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