मुझ सेे बिछड़ कर कहाँ लग रहा हैबताओ ज़रा ये जहाँ लग रहा हैउन्हीं से ख़ुश रहने की,की थी गुज़ारिशवो ख़ुश है तो देखो बुरा लग रहा है— Aryan Goswami