प्रीत ने आख़िर कुछ ऐसे हैरान किया
रफ़्ता रफ़्ता आदम से इंसान किया
दुनिया ने हर बार सिखाया शातिर बन
बस उस की दो आँखों ने नादान किया
वो गंगा थी, हम को साथ में होना था
सो ख़ुद को बस जीते जी शमशान किया
यूँ देखो तो क्या है ख़ुदा बस पत्थर है
इक मीरा ने पत्थर को भगवान किया
वो जाते जाते कहने से रुक सकता था
मैं ने ही मुँह फेरके हिज्र आसान किया
— Beybaar















