hamko khushi ki isliye chaahat nahin hui | हमको ख़ुशी की इसलिए चाहत नहीं हुई

  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'

हमको ख़ुशी की इसलिए चाहत नहीं हुई
हमको तो ग़म से ही कभी फ़ुर्सत नहीं हुई

कुछ भी कहो मगर ये त'अज्जुब की बात है
उसको किसी भी शख़्स की आदत नहीं हुई

इक बार ऐसा ज़ख़्म किसी ने मुझे दिया
फिर ज़िंदगी में कोई भी हसरत नहीं हुई

जाते हुए वो एक निशानी था दे गया
उस एक चीज़ की भी हिफ़ाज़त नहीं हुई

मिलने गए थे उस सेे मुझे झूठ बोल कर
तुमको ज़रा भी यार नदामत नहीं हुई

सारे ग़लत जो काम हैं हमने किए मगर
जज़्बात की है हम सेे तिजारत नहीं हुई

काफ़ी दिनों से याद भी उसको नहीं किया
काफ़ी दिनों से कोई अज़िय्यत नहीं हुई

शायद थी ‘जॉन’ को भी मोहब्बत किसी से या
शायद ‘अभी’ को भी है मोहब्बत नहीं हुई

  - Abhishek Bhadauria 'Abhi'

Dard Shayari

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