इतना खटक रही है पल पल सिमट रही हैकैसे कहूँ जवानी मौजों में कट रही हैतुम को मैं क्या बताऊॅं क्या क्या तुम्हें सुनाऊॅंबेकार की उदासी मुझ से लिपट रही है— Chetan Sharma 'Mizaj