मेरे लहजे से हर कोई ख़फ़ा है
कि ये लड़का बहुत कम बोलता है
कभी कोई ज़रा मुझ से भी पूछो
तुम्हारा चेहरा क्यूँ उतरा हुआ है
कोई जा कर के उस से पूछ आओ
वो मेरे बारे में क्या सोचता है
नहीं जब क़द्र उस लड़की को तेरी
तो फिर तू उस के पीछे क्यूँ पड़ा है
यहाँ हर एक लड़का लड़कियों को
हवस की नज़रों से ही देखता है
जो पहले करता था ता'रीफ़ मेरी
वही अब मुझ को गाली दे रहा है
— Daqiiq Jabaalii















