इतना आसान हो गया हूँ मैं
सच
में हैरान हो गया हूँ मैं
कोई जलता है रात अंदर में
मानो शमशान हो गया हूँ मैं
वो मुझे ऐसे पूजने लगी है
उस का भगवान हो गया हूँ मैं
— DEEPAK CHATURVEDI
सच
में हैरान हो गया हूँ मैं
कोई जलता है रात अंदर में
मानो शमशान हो गया हूँ मैं
वो मुझे ऐसे पूजने लगी है
उस का भगवान हो गया हूँ मैं
Other ghazal from the same pen
Voices in the same orbit
Poetry by feeling