प्यार की अंतिम निशानी याद है
क्या मेरे आँखों का पानी याद है
याद है किस हाल में कटते थे दिन
कैसे गुज़री थी जवानी याद है
हर क़दम पर एक पहरेदार था
रो रो कर रातें बितानी याद है
प्यार का दुश्मन ज़माना था बना
दोनों की दूरी बनानी याद है
छुपके से मिलना हमारा याद है
क्या तुम्हें अपनी कहानी याद है
— DEEPAK CHATURVEDI















