जाते-जाते वो निशानी दे गया
मेरे ज़ख़्मों को जवानी दे गया
साथ उसके ही गईं सारी ख़ुशी
मेरे अश्क़ों को रवानी दे गया
शुक्रिया सौ मर्तबा उस यार का
ज़ीस्त को मेरे जो मानी दे गया
वक़्त बेहद ही बुरा जाते हुए
बरक़तें पर आसमानी दे गया
यूँँ जिओ मरने पे दुनियाँ ये कहे
मौत को भी ज़िंदगानी दे गया
ख्बाब ख़ुशियों का भला आया मुझे
याद कुछ अपनी सुहानी दे गया
बाद मरने के जहाँ बोले 'धरम'
अपने ग़म की तर्जुमानी दे गया
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