फूल,ख़ुशबू, कली की बात करें
प्यार की, आशिक़ी की बात करें
मौत का खौफ़ भूलकर यारो
क्यूँँ न हम ज़िन्दगी की बात करें
दुश्मनी से हुआ न कुछ हासिल
अब चलो दोस्ती की बात करें
ज़िन्दगी इसको तो नहीं कहते
हर समय बेबसी की बात करें
मंजिलें किस तरह मिलें यारो
रात-दिन हम उसी की बात करें
चाहते हो सुकूँ मिले गर तो
ग़ुम हुई उस ख़ुशी की बात करें
चाहता है "धरम" यही या रब
सब मेरी शा'इरी की बात करें
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