आँखें नम हो तो अच्छा रहता
सूखी आँखों में ख़तरा रहता
टूटे दिल में रहता थोड़ी वो
उस का बस आना जाना रहता
इस से ज़्यादा क्या ही हो जाना
इंसाँ पानी का प्यासा रहता
पहली सीढ़ी इश्क़ की ये होती
मेरा सारे के सारा रहता
हिम्मत मीरा जैसी लानी थी
मेरे दिल में बस कान्हा रहता
— "Dharam" Barot















