अब मेरे फ़ेहरिस्त में ऐसी कहानी चाहिए
दिल नहीं बस जिस्म पर भी कुछ निशानी चाहिए
जिस किसी को मुझ से करनी है मुहब्बत याद रख
शर्त ये है बे-वफ़ाई तुझ को आनी चाहिए
वो ज़माना और था जब सादगी की चाह थी
अब किसे बेदाग़ अपनी ये जवानी चाहिए
सीख बैठा हूँ दिखावट इश्क़ का महबूब से
ज़िक्र ये आवारगी की दूर जानी चाहिए
— Divu















