saans roki to vo bhi hamaare bane | साँस रोकी तो वो भी हमारे बने

  - Govind kumar

साँस रोकी तो वो भी हमारे बने
जीते-जी जो कभी ना सहारे बने

इस दफ़ा ज़िन्दगी तुजसे क्या रूठे हम
फिर किसी की नज़र में ना खारे बने

इक तरफ़ रोई तू इक तरफ़ रोया मैं
क्यूँ ना पहले ये दिलकश नज़ारे बने

काँधे पे तेरा वो सर रहा याद बस
जब फ़लक़ पर कभी दो सितारे बने

जब कभी हमको तुम याद आते हो तो
ऐसा लगता है फिर हम तुम्हारे बने

जो जुदा हो के भी ना जुदा हो सकें
हम नदी के वही दो किनारे बने

कौन "गोविन्द" तुम सेे मुहब्बत करें
तुम तो माँ बाप के भी ना प्यारे बने

  - Govind kumar

Mohabbat Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Govind kumar

As you were reading Shayari by Govind kumar

Similar Writers

our suggestion based on Govind kumar

Similar Moods

As you were reading Mohabbat Shayari Shayari