इश्क़ मोहब्बत प्यार वगेहरा ये जो दिल की बातें हैंसच पूछो तो सहरा में दरिया मिलने सी बातें हैंमैं उस को ये समझाते थक जाता हूँ की जान सुनोख़त लिखना और फूल भेजना कहने वाली बातें हैं— Hasan Raqim