"मुबारक हो"
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
तेरी यादों से तेरी बातों से उभर गया हूँ
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
अब तुझे नमाज़-ए-फ़र्ज़ में नहीं पढ़ता
तेरे वस्ल की राहे नहीं तकता
मसलन तेरी यादों से उकता गया हूँ
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
— Hashim Khan
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
तेरी यादों से तेरी बातों से उभर गया हूँ
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
अब तुझे नमाज़-ए-फ़र्ज़ में नहीं पढ़ता
तेरे वस्ल की राहे नहीं तकता
मसलन तेरी यादों से उकता गया हूँ
मुबारक हो मैं बदल गया हूँ
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