बता दो नफ़रतों के इस ज़माने को
कि हैं ज़िंदा मोहब्बत हम लुटाने को
मिटा दोगे जो मुगलों की इमारत तो
रहेगा क्या ही दुनिया को दिखाने को
करो बेदार ख़ुद को नींद से ख़ुद ही
नहीं आएगा कोई अब जगाने को
— Irshad Siddique "Shibu"
कि हैं ज़िंदा मोहब्बत हम लुटाने को
मिटा दोगे जो मुगलों की इमारत तो
रहेगा क्या ही दुनिया को दिखाने को
करो बेदार ख़ुद को नींद से ख़ुद ही
नहीं आएगा कोई अब जगाने को
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