
वफ़ा नाम पे सब दग़ा कर रहे हैं
मोहब्बत से हम इस लिए डर रहे हैं
ख़ुशी से कहाँ कोई है जी रहा अब
ख़ुशी से तो सब ख़ुद-कुशी कर रहे हैं
जवां हम हों माँ बाप बूढ़े हो जाएँ
जवानी से हम इस लिए डर रहे हैं
कि नादानी में इश्क़ कर बैठे थे,सो
जवानी में अब शा'इरी कर रहे हैं
— Irshad Siddique "Shibu"















