उस के कानों तक जब मेरी सदा गई होगी

फिर तो आह मेरी जाँ को रुला गई होगी

उस पे भी असर मेरे जाने का हुआ होगा
अपने फ़ैसले पर वो बौखला गई होगी

जाते-जाते पहलू से और क्या किया होगा
वो तो है क़यामत आफ़त मचा गई होगी

कर ली होगी, फिर उस शब, ख़ुद-कुशी मोहब्बत ने
उस के कूचे से रो-रो कर वफ़ा गई होगी

बा'द हिज्र के जीते जी वो मर गया होगा
मरने से बहुत पहले मौत आ गई होगी

होगा कोई और ही यारों अज़ीज अब उस को
और किसी को अपने दिल में बसा गई होगी

उस के नाम की हिचकी अब मुझे नहीं आती
ज़ेहन से वो अपने मुझ को मिटा गई होगी

बा'द मेरे वो मुझ को ढूँढ़ते हुए जाज़िब
कू-ब-कू गई होगी जा-ब-जा गई होगी

— Chandan Sharma

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