मुझे मंज़ूर फ़ुर्क़त दे सनम
जिसे चाहे मुहब्बत दे सनम
मैं तेरे वास्ते क्या बन गया
मुझे थोड़ी तो इज़्ज़त दे सनम
पुराने फूल अब किस काम के
नए महबूब को ख़त दे सनम
दिया जो रंज-ओ-ग़म तू ने मुझे
ख़ुदा तुझ को भी क़ुर्बत दे सनम
— jaani Aggarwal taak
जिसे चाहे मुहब्बत दे सनम
मैं तेरे वास्ते क्या बन गया
मुझे थोड़ी तो इज़्ज़त दे सनम
पुराने फूल अब किस काम के
नए महबूब को ख़त दे सनम
दिया जो रंज-ओ-ग़म तू ने मुझे
ख़ुदा तुझ को भी क़ुर्बत दे सनम
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