वो सिर्फ़ फूल नहीं ख़ुद में ही क्यारी थाहमारा शे'र तुम्हारी ग़ज़ल पे भारी थासब उस के चाहने वाले सलाम करते थेमैं उस हसीन का सब से बड़ा पुजारी था— Vishnu virat