theek hai dhoop to khili hogii | ठीक है धूप तो खिली होगी

  - Vishnu virat

ठीक है धूप तो खिली होगी
उन पहाड़ों पे बर्फ़ भी होगी

अपनी दुनिया बनाऊँगा जब मैं
वाँ नबी की जगह वही होगी

जिसके चक्कर में कट मरे हैं सब
हिज्र किस का वो काटती होगी?

होठ रखिए हमारे होठों पर
आपको प्यास तो लगी होगी?

टकरा के टूट ही गए पत्थर
मैंने सोचा था रोशनी होगी

मैं कभी इस जगह का पौधा था
मुझको मिट्टी तो जानती होगी

वो जमाने से हारती तो नहीं
क्या पता हार भी गई होगी

  - Vishnu virat

Hijr Shayari

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