हम मर गए ज़ख़्मों को ही भरते हुएइस ज़िन्दगी को ज़िन्दगी करते हुएहर सुब्ह रोज़ी ढूँढ़ने की कोशिशेंये कोशिशें डरते हुए, डरते हुए— Meem Alif Shaz