वो चाहते हैं नग़्मगी बिल्कुल अलगकरते नहीं जो शा'इरी बिल्कुल अलगमहताब तो उन को मुयस्सर होता हैहोती है जिन की तिश्नगी बिल्कुल अलग— Meem Alif Shaz