छोड़ के घरबार पगले
मिल गया क्या प्यार पगले
इश्क़ तुझ को झटके देगा
है ये बिजली तार पगले
उस अदा उन शोख़ियों के
हर गली दो चार पगले
दाद देते हारने पर
ठहरे मेरे यार पगले
बेवजह खा कर खड़ा है
तू भी थप्पड़ मार पगले
— Rohan Hamirpuriya
मिल गया क्या प्यार पगले
इश्क़ तुझ को झटके देगा
है ये बिजली तार पगले
उस अदा उन शोख़ियों के
हर गली दो चार पगले
दाद देते हारने पर
ठहरे मेरे यार पगले
बेवजह खा कर खड़ा है
तू भी थप्पड़ मार पगले
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