छोड़ के घरबार पगलेमिल गया क्या प्यार पगलेइश्क़ तुझ को झटके देगाहै ये बिजली तार पगलेउस अदा उन शोख़ियों केहर गली दो चार पगलेदाद देते हारने परठहरे मेरे यार पगलेबेवजह खा कर खड़ा हैतू भी थप्पड़ मार पगले— Rohan Hamirpuriya