छोड़ के घरबार पगले
मिल गया क्या प्यार पगले
'इश्क़ तुझको झटके देगा
है ये बिजली तार पगले
उस अदा उन शोख़ियों के
हर गली दो चार पगले
दाद देते हारने पर
ठहरे मेरे यार पगले
बेवजह खा कर खड़ा है
तू भी थप्पड़ मार पगले
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