आज इक शव शजर से उतारा गया
आज फिर एक माँ का दुलारा गया
एक राखी की देखो कलाई गई
इक बहन की ख़ुशी का सहारा गया
बाप के आज आँसू निकल ही गए
जब कफ़न उस जवाँ का उतारा गया
कल तलक दोस्तों की हँसी था मगर
आज उन की हँसी का पिटारा गया
— Jaypratap chauhan
आज फिर एक माँ का दुलारा गया
एक राखी की देखो कलाई गई
इक बहन की ख़ुशी का सहारा गया
बाप के आज आँसू निकल ही गए
जब कफ़न उस जवाँ का उतारा गया
कल तलक दोस्तों की हँसी था मगर
आज उन की हँसी का पिटारा गया
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