मुझे अब तो सताना छोड़ दो तुम
सुनो जलवे दिखाना छोड़ दो तुम
तुम्हारी ये हँसी पागल बनाए
सुनो यूँ मुस्कुराना छोड़ दो तुम
तुम्हें कोई छुए तो खूँ जले है
सुनो मिलना मिलाना छोड़ दो तुम
बड़ी मदहोश हैं ये शोख़ नज़रें
सुनो काजल लगाना छोड़ दो तुम
सुनो अब तो मिरे तुम होंठ चूमो
गले से अब लगाना छोड़ दो तुम
कभी तो साथ में गुज़रेंगी रातें
अरे तकिया दबाना छोड़ दो तुम
लबों को चूमती हो पर सुनो जाँ
लबों को बस चबाना छोड़ दो तुम
मुझे बाँहों में भरती हो भरो जाँ
मगर नाखु़न गड़ाना छोड़ दो तुम
तुम्हीं ने तो बनाया जय दिवाना
चलो उस को दिवाना छोड़ दो तुम
— Jaypratap chauhan















