ज़रा जो पास आ बैठे यहाँ पर
तभी से दिल लगा बैठे यहाँ पर
गली की सम्त उस की आज जाके
दिलों के ज़ख़्म खा बैठे यहाँ पर
किसी से मिल गया धोखा उन्हें जो
अभी से मुँह बना बैठे यहाँ पर
— Manish Yadav
तभी से दिल लगा बैठे यहाँ पर
गली की सम्त उस की आज जाके
दिलों के ज़ख़्म खा बैठे यहाँ पर
किसी से मिल गया धोखा उन्हें जो
अभी से मुँह बना बैठे यहाँ पर
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