ज़मीं चाँद व सूरज सितारे ख़ुदा केहसीं ख़ूब-सूरत नज़ारे ख़ुदा केखिलाता है सब को ख़ुदा ही तो देखोजहाँ में सभी को सहारे ख़ुदा के— Maviya abdul kalam khan