आकाश में भी गूँजते हैं गीत प्यार केआओ पिया कि आए हैं अब दिन बहार केये दिन वहीं हैं जिन का हमें इंतिज़ार थामौसम गुज़र गए हैं सभी इंतिज़ार के— MIR SHAHRYAAR