बग़ावत न कर तू
अदावत न कर तू
बुरा आदमी है
वकालत न कर तू
पिए जा घुटन ये
शिकायत न कर तू
मुयस्सर हुए पे
नदामत न कर तू
वबा का समय है
तिजारत न कर तू
भरे ज़ख़्म पे अब
सियासत न कर तू
ये गुंडे हैं इन की
इबादत न कर तू
— Mohit Subran
अदावत न कर तू
बुरा आदमी है
वकालत न कर तू
पिए जा घुटन ये
शिकायत न कर तू
मुयस्सर हुए पे
नदामत न कर तू
वबा का समय है
तिजारत न कर तू
भरे ज़ख़्म पे अब
सियासत न कर तू
ये गुंडे हैं इन की
इबादत न कर तू
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