ye khaas nazaara kaafir hai | ये खास नज़ारा काफ़िर है

  - Monis faraz

ये खास नज़ारा काफ़िर है
आँखों का इशारा काफ़िर है

कब पेंट हमारी वाज़िब है
परफ्यूम हमारा काफ़िर है

कब ठीक चलाना एफ बी का
यूँँ ट्यूब तो सारा काफ़िर है

तस्वीर बनाना है आफत
आधार बिचारा काफ़िर है

ईसाईयों जैसा पहनावा
लहजा भी हमारा काफ़िर है

क्या ठीक नहीं मोटर गाड़ी
क्या फ़ोन तुम्हरा काफ़िर है

बस इनकी ही बातें सच्ची हैं
न्यूटन का सिपारा काफ़िर है

इक बात नहीं मोमिन जैसी
मोनिस तू तो सारा काफ़िर है

  - Monis faraz

Ishaara Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Monis faraz

As you were reading Shayari by Monis faraz

Similar Writers

our suggestion based on Monis faraz

Similar Moods

As you were reading Ishaara Shayari Shayari