अपने पथ से क़दम हटाकर रक्खे हैंकितने दिल में दर्द दबा कर रक्खे हैंहम से ये मजबूरी क्या-क्या करवाएहम ने भी कुछ ख़्वाब सजाकर रक्खे हैं— Naimish trivedi