हाँ तुम हँसाती हो तब भी रुलाती होफिर क्यूँ आती हो जब उदासी लाती होरोज़ाना ख़्वाबों में मिलते हैं हम-तुमसच तो ये है यादों में याद आती हो— Neeraj Nainkwal