किसी से बे-मुरब्बत हो के रंजिश बेवजह मत कर

मगर चमचों के जैसे तेल मालिश बेवजह मत कर

ख़ुद अपनी मौत की तैयारियों में लग भले मानुस
जहाँ में ही जमें रहने की साज़िश बेवजह मत कर

किराएदार है तू भी किराएदार हैं वो भी
वसूली करने जैसी झूठी कोशिश बेवजह मत कर

सभी ने अपनी-अपनी झोलियों में भर रखी बारूद
तआरुफ़ से तू अपने और आतिश बेवजह मत कर

मुनक्क़स ये दर-ओ-दीवार ये मेहराब और ये ताक़
यहाँ के सब यहीं पर हैं तू लग़्ज़िश बेवजह मत कर

समझता है अगर क़ुर्बानियों के मायने तो ठीक
वगरना फ़ौज में आने की काविश बेवजह मत कर

तेरी इज़्ज़त करे जो भी उसे इज़्ज़त से आना पेश
नहीं तो 'नित्य' इस उस की नवाज़िश बेवजह मत कर

— Nityanand Vajpayee

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