हमआसमाँपेआँखोंसेनक़्शाबनातेहैं
इनबादलोंपेअपनाघरौंदाबनातेहैं
रहतीनहींहैंराज़यहाँबातेंइश्क़की
सोदरियामेंसनमतिराचेहराबनातेहैं
जबदिलनहींलगेमिरादिनकेउजालोंमें
तेरीचुनरलपेटअँधेराबनातेहैं
बसजिस्मकीहीताकमेंरहतेजोलोगवो
फंदाबनातेहैंकभीपिंजराबनातेहैं
तूभीग़म-ए-हयातकाहैमाराऔरमैंभी
चलइश्क़छोड़दर्दकारिश्ताबनातेहैं
हमदर्दीकीनरखकोईउम्मीदलोगोंसे
शादाबजंगलोंकोयेसहराबनातेहैं