जीवन का आधार मोहब्बत

करते रहिए प्यार मोहब्बत

तब जानेगा क्या होती है
पहले तू भी हार मोहब्बत

पहले तो बीमार करेगी
फिर देगी ये मार मोहब्बत

किसी गली में किसी सखी से
करता सब संसार मोहब्बत

नई नई क्यूँ अच्छी लगती
और पुरानी भार मोहब्बत

सिर्फ़ मोहब्बत पा लेने को
करती है तकरार मोहब्बत

इतनी नफ़रत फैल चुकी है
सब को है दरकार मोहब्बत

मैं भी कर के देख चुका हूँ
कितनी है गुलज़ार मोहब्बत

फूलों की रंगत सी तुम से
टपक रही रसदार मोहब्बत

— Suryapratap swtantra

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