ये सच मानता हूँ की प्यारा नहीं हूँ
मैं सूरज हूँ कोई सितारा नहीं हूँ
सभी जानते हैं तुम्हारा हूँ लेकिन
तुम्हारी नज़र में तुम्हारा नहीं हूँ
उड़ाई है अफवाह लोगों ने ऐसी
समुंदर तो हूँ पर मैं खारा नहीं हूँ
सभी चाहते हैं जहाँ भर में मुझ को
तुम्हारा भी हूँ पर मैं सारा नहीं हूँ
जिधर चाहते हो उधर ले के घूमो
मैं आशिक़ तुम्हारा इशारा नहीं हूँ
हमेशा रहोगे तुम्हीं साथ मेरे
कहीं भी रहूँ बेसहारा नहीं हूँ
मिले गर कभी तो ये जानोगे तुम भी
मैं दरिया हूँ यारों किनारा नहीं हूँ
— Suryapratap swtantra















