'इश्क़ इस कदर कुछ दोनों के हिस्से में आया
हमने बारहा खोया तुमने बारहा पाया
अगली ज़िन्दगी में तुम मैं बनो ये देखो फिर
किस कदर मुहब्बत में तुमने हमको तड़पाया
तेरे जाने के बाद आए न जाने क्या मौसम
छाँव चुभती है अब तक बारिशों ने झुलसाया
वो वफ़ा की बातें ता'उम्र साथ का वा'दा
ये पुराने चर्चे हैं हमने मन को बहलाया
अब नहीं सवेरा बेबार उसके होने से
रात भर जली लौ में हमने ख़ुद को समझाया
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