कोई ग़ुमाँ है कोई यक़ीं है
मुझे पता है के तू यहीं है
जहाँ न सोचा उसी जगह है
जहाँ लगा था वहीं नहीं है
मिले ज़माने में धोखे इतने
के देख कर भी यक़ीं नहीं है
मुझे सितारों से क्या कि मेरा
तू आसमाँ है तू ही ज़मीं है
— Ankit Raj
मुझे पता है के तू यहीं है
जहाँ न सोचा उसी जगह है
जहाँ लगा था वहीं नहीं है
मिले ज़माने में धोखे इतने
के देख कर भी यक़ीं नहीं है
मुझे सितारों से क्या कि मेरा
तू आसमाँ है तू ही ज़मीं है
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