“सभी से क़ीमती है वो”
कहो उस से उसी को बस उसी को प्यार करता हूँ
अभी भी बस उसी को गीत में गुलज़ार करता हूँ
मुझे कुछ भी सिवा उस के यहाँ दिखता नहीं है अब
उसे यूँ छोड़ना प्यारे सरल इतना नहीं है अब
मुहब्ब़त कर रहा हूँ तो निभा के भी दिखाऊँगा
उसे मैं चाहता हूँ यार पाके भी दिखाऊँगा
उसे ही याद करता हूँ मिरी हालत यही है अब
उसे मैं भूल जाऊँ यार ये मुमकिन नहीं है अब
कि उस की चाह में बर्बाद होना ठीक जानू मैं
मिलेगा चैन तब मुझ को उसे अपना बना लूँ मैं
जो ख़ुशियों से भरे थे यार वो दिन रात देखे हैं
हज़ारों ख़्वाब बस मैं ने उसी के साथ देखे हैं
हमारी आशिक़ी है वो हमारी ज़ि़ंदगी है वो
मुझे वो चाहिए है बस सभी से क़ीमती है वो















