'ishq ki raahen pakad li aur kaanha ho gaya | 'इश्क़ की राहें पकड़ ली और कान्हा हो गया

  - Rituraj kumar

'इश्क़ की राहें पकड़ ली और कान्हा हो गया
जिसने भी देखा तुझे तेरा दिवाना हो गया

झूठ क्या है और क्या सच ये कभी सोचा नहीं
आपने बस कह दिया, मुझको भरोसा हो गया

अपनी तन्हाई को कम करना था सो महफ़िल गया
और जब लौटा तो पाया "और तन्हा" हो गया

जिसने दिल तोड़ा है मेरा बद-दुआ' दूँगा उसे
आप क्यूँँ डरने लगे जी, आपको क्या हो गया?

उस सेे मिलना, उसको छूना, बोसे लेना छोड़िए
उसको अब देखे हुए भी इक ज़माना हो गया

अब ज़रा-सा भी पिया तो होश आएगा नहीं
तुमको पीना है तो पी लो दोस्त, मेरा हो गया

  - Rituraj kumar

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